वेरिकोस नसों का क्या इलाज है? क्या घरेलू नुस्खे असर करते हैं?

वैरिकाज़ नसों के उपचार के आधुनिक तरीकों
वैरिकाज़ नसों के लेजर उपचार

वेरिकोस नसें पैरों में होने वाला दीर्घकालिक रोग हैं। इस रोग में पैरों की नसें चौड़ी होकर गठानों जैसी दिखने लगती हैं। वेरिकोस नसें मुख्यत: आनुवांशिक कारणों, काम का अत्याधिक लोड या फिर ज़्यादा बैठे रहने वाली जीवन शैली के कारण होती हैं। महिलाओं को वेरिकोस नसें होने की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक होती है, खासकर डेलीवरी के बाद। पुरुषों में वेरिकोस नसों का रोग रक्त के आसामान्य प्रवाह के कारण हो सकता है।

वेरिकोस नसों के पहले लक्षण होते हैं – नसों पर होने वाले गठाननुमा बदलाव, दर्द और हाथ-पैरों में सूजन। पहली बार ऐसे लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। जाँच करने के बाद डॉक्टर हर केस के अनुसार उसके इलाज के तरीकों के निर्णय लेते हैं।

पुराना इलाज

वेरिकोस नसों के इलाज के पुराने तरीके कई प्रकार के हैं, ये सिर्फ रोग के लक्षणों को नियंत्रित करते हैं और रोग के कारण को ठीक नहीं कर पाते।

खान-पान और कंप्रेशन (दबाव)

रिकाज़ नसों से बचने के लिए कैसे
वैरिकाज़ नसों के प्रभावी रोकथाम

वेरिकोस नसों के लिए खास एक्सर्साइज़ की जाती हैं जो हर कोई घर पर ही कर सकता है। इन एक्सर्साइज़ से पैरों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और रक्त-नलिकाएँ स्वस्थ रहती हैं। इनमें से सबसे प्रभावशाली एक्सर्साइज़ निम्नानुसार हैं:

    • साइकल चलाना: अपनी पीठ के बल लेटकर पैरों को गोल-गोल घुमाना।
    • अपने पैरों के नीचे टेनिस या बेसबॉल दबाकर फर्श पर गोल-गोल घुमाना। आप खास मसाज की बॉल का इस्तेमाल करके माइक्रोसर्कुलेशन बेहतर कर सकती हैं।
    • अपने अँगूठों पर खड़े होने से पैरों की काफ़ मसल को अच्छी एक्सर्साइज़ मिलती है जो वेरिकोस नसों को दबाती है।
    • एक किकबोर्ड के साथ तैरने से आपके पैरों के सारे मसल अच्छे शेप में आ जाती हैं और उन पर ज़्यादा लोड भी नहीं पड़ता।

उपचार की आधुनिक विधियों के बारे में

वजन कम करने के लिए खास तरह से डिज़ाइन की हुई डाइट लेना जिसमें रेशेदार खाने अधिक होते हैं और पशु आधारित वसा तथा

कैसे वैरिकाज़ नसों के इलाज के लिए
यह वैरिकाज़ नसों की एक मिसाल की तरह दिखता है

कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में होते हैं। वजन कम होने से आपके पैरों पर लोड कम पड़ेगा जिससे वेरिकोज नसें घर पर ही ठीक की जा सकती हैं।

वेरिकोस नसों के लिए कई तरह के कंप्रेशन मोजे आते हैं। इन्हें घर पर ठीक से लगाने के लिए लोगों को कई बार खास तरह के औजारों के जरूरत पड़ती है। इन्हें दिन भर पहने रहना जरूरी होता है और सिर्फ रात में उतारा जाना चाहिए। यह तकनीक नसों पर बाहरी दबाव डालकर रक्त प्रवाह बेहतर करने पर आधारित होती है। मेडिकल कंप्रेशन मोजों की जगह आप एक लचीली पट्टी (इलास्टिक बैंडेज) का इस्तेमाल कर सकती हैं जिसे अंगूठे से लेकर जाँघ तक बांधना होता है। यह आवश्यक होता है कि पट्टी का हर घेरा पिछले घेरे को कम से कम आधा ढँक ले।

न्यूमो-मसाज डिवाइस में कफ़्स होती हैं जिनमें उच्च दबाव में हवा भरी होती है। यह रोग के शुरुआती दिनों में नसों के इलाज के लिए फायदेमंद हो सकती है। इस तरीके में कंप्रेशन (दबाव) का इस्तेमाल किया जाता है जिससे रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और सूजन कम होती है। आप इस डिवाइस को घर पर ही इस्तेमाल कर सकती हैं।

दवाएँ

वैरिकाज़ नसों के खिलाफ क्रीम
वैरिकाज़ नसों के उपचार के लिए क्रीम के आवेदन

दवाएं मुख्यतः निम्न प्रकार की होती हैं:

  • वेनोटोनिक्स (एंटीस्टाक्स, फ़्लेबोडिया (600) से रक्त शिराएँ टोन होती है, सूजन कम होती है और खून शिराओं से ठीक तरह से बाहर निकलता है।
  • माइक्रोसर्कुलेशन (सूक्ष्म रक्त-प्रवाह) को बेहतर करने वाली दवाएँ (डेट्रलेक्स, ट्रेंटाल) गोलियों या ड्रिप से लेने में फायदा होता है।
  • एंटीकोआगुलेंट एजेंट्स रक्त के थक्के बनने से रोकते हैं। इनमें शामिल हैं हेपारिन ओइंटमेट (लायोटोन, ट्रोम्बोफ़ोब, वेनोलाइफ), क्यूरांटिल और एस्पिरिन।
  • नॉन-स्टेरोइडल एंटी-इनफ़्लेमेटरी दवाएँ (डाइक्लोफ़ीनाक) जिसे वेरिकोस नसों में सूजन और दर्द कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना शुरू करना चाहिए क्योंकि दवाओं के साइड-इफेक्ट हो सकते हैं।

वैरिकाज़ नसों के नॉन-सर्जिकल उपचार

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